عن أم سلمة -رضي الله عنها- قالت: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «مَنْ شَرِبَ وفي رواية: «إنَّ الذي يَأكُل أو يَشرَب» في إناءٍ من ذهبٍ أو فضةٍ، فإنما يُجَرْجِرُ في بطنه نارًا مِن جهنَّم».
[صحيح.] - [متفق عليه.]
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उम्मे सलमा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहती हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “जो व्यक्ति पीता है” और एक रिवायत में है : “जो खाता या पीता है” सोने अथवा चाँदी के बर्तन में, वह अपने पेट में जहन्नम की आग भरता है।”
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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