1. मुख्य
  2. श्रेणियाँ
  3. फ़ज़ीलतें तथा आदाब

हदीस शैतान ने कहा : ऐ रब! तेरी इज़्ज़त की क़सम! जब तक तेरे बंदों के शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक मैं उन्हें गुमराह करने का प्रयत्न करता रहूँगा। रब ने कहा : मेरी इज़्ज़त और जलाल की क़सम! जब तक वे क्षमा माँगते रहेंगे, तब तक मैं उन्हें क्षमा करता रहूँगा।

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه مرفوعاً: «إنَّ الشيطانَ قال: وعِزَّتِك يا رب، لا أَبرحُ أُغوي عبادَك ما دامت أرواحُهم في أجسادهم، قال الربُّ: وعِزَّتي وجَلالي لا أزال أغفرُ لهم ما استغفروني».

अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “शैतान ने कहा : ऐ रब! तेरी इज़्ज़त की क़सम! जब तक तेरे बंदों के शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक मैं उन्हें गुमराह करने का प्रयत्न करता रहूँगा। रब ने कहा : मेरी इज़्ज़त और जलाल की क़सम! जब तक वे क्षमा माँगते रहेंगे, तब तक मैं उन्हें क्षमा करता रहूँगा।”

ह़सन इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

अनुवाद दिखाएँ

16 भाषा
EN English الإنجليزية
UR اردو الأوردية
ES Español الإسبانية
ID Indonesia الإندونيسية
UG ئۇيغۇرچە الأيغورية
BN বাংলা البنغالية
FR Français الفرنسية
TR Türkçe التركية
RU Русский الروسية
BS Bosanski البوسنية
ZH 中文 الصينية
FA فارسی الفارسية
VI Tiếng Việt الفيتنامية
TL Tagalog تجالوج
KU Kurdî الكردية
HA Hausa الهوسا