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हदीस जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं।

عن أنس بن مالك رضي الله عنه قال: «لقد أَنْزَلَ الله الآية التي حَرَّمَ الله فيها الخمر، وما بالمدينة شَرَابٌ يُشْرَبُ إلا من تَمْرٍ».

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) से वर्णित है कि उन्होंने कहाः जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं।

सह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

इस हदीस में अनस -रज़ियल्लाहु अनहु- बता रहे हैं कि जब शराब को हराम किए जाने की आयत उतरी, तो मदीने में शराब केवल खजूर ही की बनती थी, जो इस बात का प्रमाण है कि शराब को हराम घोषित करने का कारण उसकी मादकता (नशा आवर होना) है, चाहे उसे किसी भी चीज़ से बनाया जाए।

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