عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ -رضي الله عنهما- قال: «قال النبي -صلى الله عليه وسلم- لجبريل: «مَا يَمْنَعُك أَنْ تَزُورَنَا أَكْثَر مِمَّا تَزُورَنَا؟» فنزلت: (وَمَا نَتَنَزَّل إِلاَّ بِأَمْرِ رَبِّكَ لَهُ مَا بَيْنَ أَيدِينَا وَمَا خَلْفَنَا وَمَا بَينَ ذَلِك ).
[صحيح.] - [رواه البخاري.]
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अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने जिबरील से कहा कि आप हमारे पास जितनी बार आते हैं, उससे अधिक क्यों नहीं आते? तो यह आयत उतरीः "وَمَا نَتَنَزَّل إِلاَّ بِأَمْرِ رَبِّكَ لَهُ مَا بَيْنَ أَيدِينَا وَمَا خَلْفَنا وَمَا بَينَ ذَلِك" (हम केवल तेरे रब के आदेश से ही उतरते हैं। जो कुछ हमारे सामने तथा जो कुछ हमारे पीछे तथा जो कुछ इसके बीच है, सब उसी का है।)
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व्याख्या

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