हदीसों की सूची
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सभी हालतों में अल्लाह का ज़िक्र (गुणगान) किया करते थे।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
क्या तुम्हें इसी का आदेश दिया गया है? अथवा क्या तुम्हें इसीलिए इस धरा पर भेजा गया है कि एक आयत का खंडन दूसरी आयत से करो? तुमसे पूर्व की उम्मतें तो इन्हीं जैसी चीज़ों के कारण तबाह हुई हैं। तुम्हारा इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है। देखो कि तुम्हें क्या आदेश दिया गया है, तो उसपर अमल करो और किस बात से रोका गया है, तो उससे रुक जाओ।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
कुरआन के संबंध में वाद-विवाद न करो, क्योंकि इसके विषय में वाद-विवाद करना कुफ़्र है।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दस आयतें पढ़ते और दूसरी दस आयतों को पढ़ना उस समय तक शुरू नहीं करते, जब तक उन दस आयतों के ज्ञान एवं अमल को सीख न लेते
عربي
الإنجليزية
الأوردية
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुझ से फरमाया : “मुझे क़ुरआन सुनाओ”
عربي
الإنجليزية
الأوردية
अब्दुल्लाह बिन मसऊद- रज़ियल्लाहु अन्हु- काबे को बाएँ और मिना को दाएँ करके खड़े हुए और फ़रमायाः यही वह स्थान है, जहाँ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर सूरा अल-बक़रा उतरी थी।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
“निश्चय ही क़ुरान वाले का उदाहरण रस्सी से बंधे हुए ऊँटों के मालिक के समान है। यदि वह उनकी ठीक से देखभाल करेगा, तो उन्हें अपने पास रखने में सफल होगा और अगर उन्हें छोड़ देगा, तो वे भाग खड़े होंगे।”
عربي
الإنجليزية
الأوردية
उस पत्र में, जो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अम्र बिन हज़्म को लिखा था, यह भी था : क़ुरआन को पवित्र व्यक्ति ही छूए
عربي
الإنجليزية
الأوردية
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) तथा मुह़म्मद बिन ह़नफिया से पूछा गया कि क्या नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने (आप लोगों के लिए) कुछ छोड़ा है? तो दोनों ने उत्तर दिया कि आपने उसके सिवा कुछ नहीं छोड़ा, जो दो दफ़्तियों के बीच है।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
अली -रज़ियल्लाहु अन्हु- से पूछा गया कि क्या आपके पास अल्लाह की किताब के अलावा भी कुछ और वह्य है? तो उन्होंने उत्तर दिया : “नहीं। उस हस्ती की क़सम जिसने दाने को फाड़ा और प्राण को पैदा किया, मैं इसके अतिरिक्त किसी वह्य की जानकारी नहीं रखता। हाँ, मुझे अल्लाह की किताब को समझने की शक्ति मिली हुई है, जो अल्लाह इनसान को प्रदान करता है और कुछ चीज़ें इस सहीफ़े (छोटी-सी कितबा) में लिखी हुई हैं।”
हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ थे और हम वयस्क होने ही वाले थे। हमने क़ुरआन सीखने से पहले ईमान सीखा और उसके बाद क़ुरआन सीखा, तो इससे हमारा ईमान और बढ़ गया।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हमें हर हाल में क़ुरआन पढ़ाते थे, सिवाय जनाबत (अपवित्रता) की हालत के।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
क़ुरआन उस समय तक पढ़ो, जब तक तुम्हारे दिल अनुकूल रहें। जब प्रतिकूलता आने लगे, तो पढ़ना छोड़ दो।
عربي
الإنجليزية
الأوردية
मैं अपनी उम्मत पर दो चीजों से डरता हूँः क़ुरआन और दूध। जहाँ तक दूध की बात है, तो लोग उसके कारण देहातों की ओर चले जाएँगे और अपनी इच्छाओं के पीछे भागेंगे तथा नमाज़ छोड़ेंगे। रही बात क़ुरआन की, तो मुनाफ़िक़ भी उसे सीख लेंगे और उसके आधार पर मोमिनों से बहस करेंगे।