1. मुख्य
  2. श्रेणियाँ
  3. फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

हदीस सोमवार तथा बृहस्पतिवार को सारे आमाल पेश किए जाते हैं। अतः मैं पसंद करता हूँ कि मेरे कार्य इस दशा में पेश हों कि मैं रोज़े से रहूँ।

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «تُعْرَضُ الأعمالُ يومَ الاثنين والخميس، فَأُحِبُّ أَنْ يُعْرَضَ عَملي وأنا صائم». وفي رواية: «تُفْتَحُ أبوابُ الجَنَّةِ يومَ الاثنين والخميس، فَيُغْفَرُ لكلِّ عبد لا يُشْرِكُ بالله شيئا، إِلا رجلا كان بينه وبين أخيه شَحْنَاءُ، فَيُقَالُ: أَنظِروا هذيْن حتى يَصْطَلِحَا، أنظروا هذين حتى يصطلحا». وفي رواية: «تُعْرَضُ الأَعْمَالُ في كلِّ اثْنَيْنِ وَخَميسٍ، فَيَغْفِرُ اللهُ لِكُلِّ امْرِئٍ لا يُشْرِكُ بالله شيئاً، إِلاَّ امْرَءاً كانت بينه وبين أخِيهِ شَحْنَاءُ، فيقول: اتْرُكُوا هذَيْنِ حتى يَصْطَلِحَا».

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "सोमवार तथा बृहस्पतिवार को सारे आमाल पेश किए जाते हैं। अतः मैं पसंद करता हूँ कि मेरे कार्य इस दशा में पेश हों कि मैं रोज़े से रहूँ।" एक रिवायत में है : "सोमवार तथा बृहस्पतिवार को जन्नत के द्वार खोले जाते हैं और प्रत्येक उस व्यक्ति को क्षमा कर दिया जाता है, जो अल्लाह के साथ किसी को साझी नहीं बनाता, सिवाय उस व्यक्ति के जिसके तथा उसके भाई के बीच में ईर्ष्या हो। ऐसे में कहा जाता है : इन दोनों ज़रा मोहलत दो, ताकि आपस में समझौता कर लें।" एक और रिवायत में है : "सोमवार तथा बृहस्पतिवार को सारे आमाल पेश किए जाते हैं। अतः, प्रत्येक उस व्यक्ति को क्षमा कर दिया जाता है, जो अल्लाह के साथ किसी को साझी नहीं बनाता, सिवाय उसके जिसके तथा उसके भाई के बीच में ईर्ष्या हो। ऐसे में वह कहता है : इन दोनों को छोड़ दो, यहाँ तक कि आपस मे समझौता कर लें।"

सह़ीह़ इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

अनुवाद दिखाएँ

13 भाषा
EN English الإنجليزية
UR اردو الأوردية
ES Español الإسبانية
ID Indonesia الإندونيسية
UG ئۇيغۇرچە الأيغورية
BN বাংলা البنغالية
FR Français الفرنسية
TR Türkçe التركية
RU Русский الروسية
BS Bosanski البوسنية
ZH 中文 الصينية
FA فارسی الفارسية
TL Tagalog تجالوج