عن عائشة -رضي الله عنها- «أنّ رسول الله -صلى الله عليه وسلم- كُفِّنَ في أثواب بِيضٍ يَمَانِيَةٍ، ليس فيها قَمِيص وَلا عِمَامَة».
[صحيح] - [متفق عليه.]
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आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह केरसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को सफ़ेद यमनी कपड़ों में कफ़नाया गया। उनमें न कुर्ता था और न पगड़ी थी।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

आइशा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- यहाँ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के कफ़न, उसके रंग तथा कपड़ों की संख्या के बारे बता रही हैं। उनका कहना है कि आपको यमन में बनी हुई तीन सफ़ेद चादरों में कफ़नाया गया। आपको न कुरता दिया गया, न पगड़ी। याद रहे कि मृतक को कफ़नाने में अधिक कपड़ों का प्रयोग इसलिए होता है, क्योंकि मृतक का परदा जीवित व्यक्ति के परदे से अधिक महत्व रखता है और उसपर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

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