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  3. आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना

हदीस अल्लाह की क़सम! हम यह कार्य किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो माँगकर लेना चाहे अथवा किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो उसकी लालसा रखे।

عن أبي موسى الأشعري رضي الله عنه قال: دخلتُ عَلى النَبيِّ -صلَّى الله عليه وسلَّم- أنَا ورجلاَن مِنْ بَنِي عَمِّي، فَقَال أحدهما: يا رسول الله، أمرنا على بعض ما ولاك الله عز وجل وقال الآخر مثل ذلك، فقال: «إِنَّا وَالله لاَ نُوَلِّي هَذَا العَمَلَ أَحَدًا سَأَلَهُ، أَو أَحَدًا حَرِصَ عَلَيهِ».

अबू मूसा अशअरी -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि मैं और मेरे चचा के बेटों में से दो व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास पहुँचे। उनमें से एक ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! अल्लाह ने आपको जो कुछ सौंपा है, उसके कुछ भाग का हमें शासक बना दीजिए। दूसरे ने भी कुछ इसी तरह की बात की। अतः, आपने फ़रमायाः अल्लाह की क़सम! हम यह कार्य किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो माँगकर लेना चाहे अथवा किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो उसकी लालसा रखे।

सह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

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