عن عبد الله بنِ مُغَفَّلِ المُزَنِيِّ -رضي الله عنهما- قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «صَلُّوا قبل المغرب ركعتين»، ثم قال: «صَلُّوا قبل المغرب ركعتين لمن شاء»، خشية أن يتخذها الناس سُنة.
[صحيح] - [رواه البخاري]
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अब्दुल्लाह बिन मुग़फ़्फ़ल मुज़नी -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "मग़रिब से पहले दो रकात पढ़ो।" फिर फ़रमायाः "मग़रिब से पहले दो रकात पढ़ो। यह आदेश उसके लिए है, जो स्वेच्छा से ऐसा करना चाहे।" आपने ऐसा इस भय से कहा कि कहीं लोग उसे सुन्नत न ठहरा लें।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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