عن أنس بن مالك -رضي الله عنه- قال: كان أصحاب رسول الله -صلى الله عليه وسلم- على عَهدِه ينتظرون العشاء حتى تَخْفِقَ رُءُوسُهُمْ, ثم يصلُّون ولا يَتَوَضَّئُونَ.
[صحيح] - [رواه مسلم وأبو داود واللفظ له]
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अनस बिन मालिक( रज़ियल्लाहु अनहु) फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सहाबा आपके ज़माने में इशा की नमाज़ की प्रतीक्षा करते रहते थे, यहाँ तक कि उनके सिर नींद के कारण झुकने लगते थे, फिर नमाज़ पढ़ते और दोबारा वजू नहीं करते थे।
सह़ीह़ - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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