عن عبد الله بن عمر -رضي الله عنهما- "أَنَّ رسُول الله -صلَّى الله عليه وسلَّم- كَانَ يَخرُجُ مِنْ طَرِيقِ الشَّجَرَةِ، وَيَدْخُلُ مِنْ طَرِيقِ الْمُعَرَّس، وَإِذَا دَخَلَ مَكَّةَ دَخَلَ مِنَ الثَنِيَّةِ العُلْيَا، وَيَخْرُجُ مِنَ الثَنِيَّةِ السُّفْلَى".
[صحيح.] - [متفق عليه.]
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अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (मदीने से) अल-शजरा के रास्ते से निकलते और अल-मुअर्रस के रास्ते से अंदर आते। और जब मक्का में प्रवेश करते, तो ऊँची घाटी से प्रवेश करते और निचली घाटी से निकलते।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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