عن أبي ذر -رضي الله عنه-، قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «إذا قام أحدكم يصلي، فإنه يستره إذا كان بين يديه مثل آخرة الرحل، فإذا لم يكن بين يديه مثل آخرة الرحل، فإنه يقطع صلاته الحمار، والمرأة، والكلب الأسود»، قلت: يا أبا ذر، ما بال الكلب الأسود من الكلب الأحمر من الكلب الأصفر؟ قال: يا ابن أخي، سألت رسول الله -صلى الله عليه وسلم- كما سألتني فقال: «الكلب الأسود شيطان». وفي رواية من حديث ابن عباس -رضي الله عنهما-: «يقطع الصلاة المرأة الحائض والكلب».
[صحيح.] - [رواه مسلم، والرواية الثانية لأبي داود.]
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अबूज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "जब तुममें से कोई नमाज़ के लिए खड़ा हो और उसके सामने कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु हो, तो वह उसके लिए ओट हो जाती है। किंतु, यदि उसके सामने कजावे के पिछले भाग की लकड़ी के समान कोई वस्तु न हो, तो उसकी नमाज़ को गधा, महिला तथा काला कुत्ता भंग कर देते हैं।" मैंने पूछा : ऐ अबूज़र काले कुत्ते तथा लाल एवं पीले कुत्ते में क्या अंतर है? तो उन्होंने उत्तर दिया : ऐ मेरे भतीजे! मैंने यही प्रश्न अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से किया था, जैसे तूमने मुझसे किया है, तो आपने उत्तर दिया था : "काला कुत्ता शैतान है।" अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) की एक रिवायत में इस प्रकार हैः "माहवारी वाली महिला तथा कुत्ता नमाज़ को भंग कर देते हैं।"
सह़ीह़ - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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