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हदीस जिस स्त्री का पति गुम हो जाए और पता न चल सके कि वह कहाँ है? वह चार साल प्रतीक्षा करे और फिर चार महीना दस दिन इद्दत गुज़ारे। अब उसके लिए कहीं और निकाह करना हलाल हो जाएगा।

عن عمر بن الخطاب أنه قال: «أَيُّمَا امرأة فَقَدَتْ زوجها فلم تَدْرِ أين هو؟ فإنها تَنْتَظِرُ أَرْبَعَ سِنِينَ، ثم تَعْتَدُّ أَرْبَعَةَ أشهر وعشرا ثم تَحِلُّ».

उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैंः जिस स्त्री का पति गुम हो जाए और पता न चल सके कि वह कहाँ है? वह चार साल प्रतीक्षा करे और फिर चार महीना दस दिन इद्दत गुज़ारे। अब उसके लिए कहीं और निकाह करना हलाल हो जाएगा।

मुझे अल्लामा अलबानी का कोई हुक्म नहीं मिला। इसे मालिक ने रिवायत किया है।

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