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हदीस एक कुँवारी युवती नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई तथा उसने आप से कहा कि उसके पिता ने उसका विवाह करा दिया है जिसे वह नापसंद करती है, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसे (विवाह बाकी रखने अथवा तोड़ देने का) इख्तियार दिया।

عن ابن عباس، أن جَاريةً بِكْراً أتَتِ النبي صلى الله عليه وسلم فذكرت «أنَّ أباها زَوَّجَها وهي كارهة، فَخَيَّرَهَا النبي صلى الله عليه وسلم ».

इब्ने अब्बास (-रज़ियल्लाहु अन्हुमा-) वर्णन करते हैं कि एक कुँवारी युवती नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई तथा उसने आप से कहा कि उसके पिता ने उसका विवाह करा दिया है जिसे वह नापसंद करती है, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसे (विवाह बाकी रखने अथवा तोड़ देने का) इख्तियार दिया।

सह़ीह़ इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

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