عن أبي هريرة -رضي الله عنه- عن النبي -صلى الله عليه وسلم-: "بينا أيوبُ -عليه السلام- يَغتَسلُ عُرياناً، فَخَرَّ عليه جَرَادٌ من ذَهَبٍ، فجعلَ أيوبُ يَحْثِي في ثوبِهِ، فنَاداه ربُّه -عز وجل-: يا أيوبُ، ألَمْ أكنْ أغْنَيتك عما تَرى؟!، قال: بلى وعزتِك، ولكن لا غِنى بي عن بركتِكَ".
[صحيح] - [رواه البخاري]
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अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : "एक बार अय्यूब (अलैहिस्सलाम) नग्न होकर स्नान कर रहे थे कि उनपर सोने की टिड्डी गिरने लगी और अय्यूब (अलैहिस्सलाम) उन्हें अपने कपड़े में समेटने लगे। उसी समय उच्च एवं महान अल्लाह ने आवाज़ दी : ऐ अय्यूब! जो तुम देख रहे हो, क्या मैंने तुम्हें उनसे बेनियाज़ नहीं किया था? अय्यूब (अलैहिस्सलाम) ने कहा : तेरी इज़्ज़त की क़सम! क्यों नहीं, लेकिन मैं तेरी दया से बेनियाज़ नहीं हो सकता।"
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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