عن وائل بن حجر -رضي الله عنه-: أن النبي -صلى الله عليه وسلم- كان إذا ركع فَرَّجَ أصابِعَه وإذا سَجد ضَمَّ أصَابِعه.
[صحيح] - [رواه ابن حبان]
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वाइल बिन हुज्र- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है कि नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब- नमाज़ में- रुकू करते तो अपनी ऊंगलियों को फैला कर रखते तथा जब सज्दा करते तो अपनी ऊंगलियों को मिला लेते थे।
सह़ीह़ - इसे इब्ने ह़िब्बान ने रिवायत किया है ।

व्याख्या

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