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हदीस जब इमाम आमीन कहे, तो तुम आमीन कहो। क्योंकि जिसका आमीन कहना फ़रिश्तों के आमीन के साथ होगा, उसके पिछले सारे पाप क्षमा कर दिए जाएँगे।

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «إذا أَمَّنَ الإمام فأمنوا، فإنه من وافق تأمينه تأمين الملائكة: غفر له ما تقدم من ذنبه».

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "जब इमाम आमीन कहे, तो तुम आमीन कहो। क्योंकि जिसका आमीन कहना फ़रिश्तों के आमीन के साथ होगा, उसके पिछले सारे पाप क्षमा कर दिए जाएँगे।"

सह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण

हमें नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया है कि जब इमाम आमीन कहे, तो हम आमीन कहें। क्योंकि यही फ़रिश्तों के आमीन कहने का समय है, और जिसका आमीन कहना फ़रिश्तों के आमीन कहने के साथ होगा, उसके पिछले सारे पाप क्षमा कर दिए जाएँगे।

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