चोर पर अल्लाह की लानत (धिक्कार) हो, वह अंडा चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है तथा रस्सी चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है।
मैं एक काले रंग की नक़्शेदार चादर ओढ़कर मस्जिद में सोया हुआ था, जिसका मूल्य तीस दिरहम था। इतने में एक व्यक्ति आया और मुझसे उचक ले गया। फिर वह व्यक्ति पकड़ा गया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास लाया गया, तो आपने उसका हाथ काटने का आदेश दिया।
जो कुछ किसी ज़रूरतमंद ने खा लिया और कपड़े में नहीं रखा (तथा बाँधकर ले नहीं गया) उसपर जुर्माना नहीं है और जो व्यक्ति कुछ लेकर बाहर निकला, उसे जुर्माना के तौर पर उसका दोगुना देना है और दंड भी मिलना है। और जिसने उसे खलियान में पहुँचने के बाद चुराया और उसका मूल्य एक ढाल के बराबर हो, उसका हाथ काटा जाएगा।