वर्गीकरण:
عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ:

لَمَّا جَاءَ أَهْلُ الْيَمَنِ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «قَدْ جَاءَكُمْ أَهْلُ الْيَمَنِ»، وَهُمْ أَوَّلُ مَنْ جَاءَ بِالْمُصَافَحَةِ.
[صحيح] - [رواه أبو داود وأحمد] - [سنن أبي داود: 5213]
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अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि जब यमन वाले आए, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः यमन वाले आए हैं। यही वह लोग हैं, जिन्होंने सबसे पहले मुसाफ़हा (हाथ मिलाना) का आरंभ किया।
[सह़ीह़] - [इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।]

व्याख्या

हदीस का संदेश

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