عن أنس بن مالك -رضي الله عنه- «أن النبي -صلى الله عليه وسلم- أُتِيَ برجل قد شرب الخمر، فجلده بِجَرِيدَتَيْنِ نحو أربعين»، قال: وفعله أبو بكر، فلما كان عمر استشار الناس، فقال عبد الرحمن: أَخَفُّ الحدود ثمانين، «فأمر به عمر».
[صحيح.] - [متفق عليه واللفظ لمسلم.]
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अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा। वर्णनकर्ता कहते हैं कि अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अंहु) ने भी इसी पर अमल किया। फिर जब उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) का दौर आया, तो उन्होंने लोगों से मश्विरा किया। चुनांचे अब्दुर रहमान बिन औफ़ ने कहाः सबसे हल्की हद चालीस कोड़े हैं। अतः, उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उसी का आदेश दे दिया।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है और शब्द मुस्लिम के हैं।

व्याख्या

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