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हदीस तुम अपने बाग के खजूर अवश्य तोड़ो। हो सकता है कि तुम सदक़ा करो या कोई और भलाई का कार्य करो।

عن جابر بن عبد الله قال: طُلِّقَتْ خالتي، فأرادت أن تَجُدَّ نَخْلَهَا، فَزَجَرَهَا رجل أن تخرج، فأتت النبي صلى الله عليه وسلم فقال: «بلى فَجُدِّي نَخْلَكِ، فإنك عسى أن تَصَدَّقِي، أو تفعلي معروفا».

जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहुमा) कहते हैं कि मेरी ख़ाला को तलाक़ दे दी गई। (इद्दत के दौरान) उन्होंने अपने ख़जूर के बाग के फल तोड़ने का इरादा किया, तो एक व्यक्ति ने उन्हें घर से निकलने पर डाँट दिया। ऐसे में वह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास पहुँचीं, तो आपने फ़रमायाः "तुम अपने बाग के खजूर अवश्य तोड़ो। हो सकता है कि तुम सदक़ा करो या कोई और भलाई का कार्य करो।"

सह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

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