عن أبي هريرة -رضي الله عنه- أن رسول الله -صلى الله عليه وسلم- قال: «يضحكُ اللهُ سبحانه وتعالى إلى رجلين يقتلُ أحدُهما الآخرَ يدخلانِ الجنةَ، يقاتلُ هذا في سبيل الله فيُقْتَلُ، ثم يتوبُ اللهُ على القاتلِ فيُسْلِمُ فَيُسْتَشْهَدُ».
[صحيح.] - [متفق عليه.]
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अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “पवित्र एवं सर्वशक्तिमान अल्लाह ऐसे दो आदमियों को देखकर हँसता है, जिनमें से एक व्यक्ति दूसरे को क़त्ल करता है और (फिर भी) दोनों जन्नत में प्रवेश कर जाते हैं। उनमें से एक तो अल्लाह की राह में लड़ता हुआ शहीद होता है तथा क़ातिल को अल्लाह तौबा की तौफ़ीक़ देता है और वह मुसलमान हो जाता है तथा (बाद में) शहीद हो जाता है।”
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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