عن عائشة وأم سلمة رضي الله عنهما «أن رسول الله صلى الله عليه وسلم كان يُدْرِكُهُ الفجر وهو جُنٌبٌ من أهله، ثم يغتسل ويصوم ». المزيد
आइशा और उम्मे सलमा- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का वर्णन है कि कभी-कभी इस हाल में फ़ज्र की नमाज़ का समय आ जाता कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अपनी पत्नियों से संभोग के कारण नापाकी की अवस्था में होते। फिर इसके बाद स्नान करते और रोज़ा रखते।