عن مالك بن الحويرث -رضي الله عنه- «أن رسول الله -صلى الله عليه وسلم- كان إذا كَبَّر رفع يديه حتى يُحَاذِيَ بهما أُذُنَيْه، وإذا ركَع رفع يَديه حتى يُحَاذِيَ بهما أُذُنَيْه، وإذا رفع رأسه من الركوع» فقال: «سَمع الله لِمَن حَمِده» فعل مِثل ذلك.
[صحيح] - [رواه مسلم]
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मालिक बिन हुवैरिस (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब तकबीर (अल्लाहु अकबर) कहते, तो अपने दोनों हाथों को कानों के बराबर उठाते और जब रुकू करते, तो अपने दोनों हाथों को कानों तक उठाते। और जब रुकू से सिर उठाते, तो कहते : «سَمع الله لِمَن حَمِده» (अल्लाह ने उसकी सुन ली, जिसने उसकी प्रशंसा की) और उसी प्रकार करते।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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