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عن عمرو بن شعيب، عن أبيه، عن جده قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «يَدُ المسلمين على مَن سِواهم، تَتَكافَأُ دِماؤهم وأموالُهم، ويُجِيرُ على المسلمين أدْناهم، ويَرُدُّ على المسلمين أَقْصَاهم».
[حسن] - [رواه أبو داود وابن ماجه وأحمد]
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अम्र बिन शुऐब अपने पिता से और वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "मुसलमान अन्य लोगों के मुक़ाबले में एक हाथ की तरह हैं। उनका रक्त और उनका धन बराबर है। उनके निम्नतम व्यक्ति की दी हुई सुरक्षा भी इस लायक़ होती है कि सारे मुसलमान उसका सम्मान करें और मुसलमान (ग़नीमत का धन) अपने सबसे दूर में रहने वाले व्यक्ति को भी लौटाते हैं।"
ह़सन - इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है ।

व्याख्या

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