عن جُبَيْر بن مُطْعِم -رضي الله عنه- قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «لِي خمسة أسْماء: أنا محمد، وأحمد، وأنا الماحِي الذي يَمْحُو الله بي الكفر، وأنا الحاشِر الذي يُحشَر الناس على قَدَمِي، وأنا العاقِب».
[صحيح] - [متفق عليه]
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जुबैर बिन मुतइम (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः “मेरे पाँच नाम हैंः मैं मुह़म्मद और अह़मद हूँ; मैं माह़ी (मिटाने वाला) हूँ, जिसके द्वारा अल्लाह कुफ्र को मिटाएगा; मैं हाशिर हूँ, जिसके बाद लोगों को क़ब्रों से उठाया जाएगा और मैं आक़िब हूँ (जिसके बाद कोई नबी नहीं होगा)।”
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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