عن أبي موسى -رضي الله عنه- قال: قال رسول الله -صلى الله عليه وسلم-: «فَنَاءُ أُمَّتي بالطَّعْن والطَّاعون». فقيل: يا رسول الله، هذا الطَّعْنُ قد عَرَفْناه، فما الطَّاعون؟ قال: «وَخْزُ أعدائِكم مِن الجِنِّ، وفي كلٍّ شُهَداء».
[صحيح] - [رواه أحمد]
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अबू मूसा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: मेरी उम्मत की मौत नेज़े के आघात तथा ताऊन से होगी। किसी ने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! नेज़े का आघात तो हम समझ गए, लेकिन यह ताऊन क्या है? आपने फ़रमाया: जिन्नों में से तुम्हारे दुश्मनों का प्रहार। वैसे दोनों से मरने वाले शहीद हैं।
सह़ीह़ - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

व्याख्या

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