عن أبي هريرة -رضي الله عنه- قال: قال النبي -صلى الله عليه وسلم-: «مَن أحبَّ الحسن والحُسين فقد أحبَّني، ومَن أبغضهما فقد أبغضني».
[صحيح.] - [رواه ابن ماجه وأحمد.]
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अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "जिसने हसन और हुसैन से मुहब्बत की, उसने मुझसे मुहब्बत की और जिसने उन दोनों से दुश्मनी की, उसने मुझसे दुश्मनी की।"
सह़ीह़ - इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है ।

व्याख्या

जिसने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के नवासों हसन एवं हुसैन से प्रेम रखा उसने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से प्रेम रखा और जिसने उन दोनों से नफ़रत की उसने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से नफ़रत की, अतः यह बात दोनों के मरतबे को दर्शाती है।

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