दूध पीने से हुरमत उसी समय सिद्ध होती है, जब दूध अंतड़ियों तक पहुँचे और उन्हें सैराब करने का कार्य करे और दूध पिलाने का कार्य दूध छुड़ाने से पहले हुआ हो।