अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार करने वाले को क़सम खानी है।
अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार करने वाले को क़सम खानी है।
जिसने किसी मुसलमान का माल हड़पने के लिए झूठी क़सम खाई, वह अल्लाह से इस हाल में मिलेगा कि अल्लाह उससे सख़्त क्रोधित होगा।
जो व्यक्ति मेरे इस मिंबर के पास कोई झूठी क़सम खाएगा, चाहे एक हरे मिसवाक के लिए ही क्यों न हो, वह अपना ठिकाना जहन्नम में बना ले।
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कुछ लोगों को क़सम खाने को कहा, तो सब लोग क़सम खाने की होड़ में लग गए। इसलिए आपने आदेश दिया कि उनके बीच क़ुरआ अंदाज़ी के द्वारा तय किया जाए कि कौन क़सम खाएगा।